सोमवार, 3 जून 2013

अज़ीज़ जौनपुरी :तू क्या से क्या हो गया (द्वारा मधु सिंह )





    तू क्या से क्या हो गया 



 तू क्या से क्या हो  गया मेरे दोस्त
 कल  हीरा, आज  पत्थर  बन गया दोस्त



  तस्बीरे-वफा सा कल तक तू लगता था
 आज  खफ़ा -खफ़ा   सा  क्यूँ  हो गया दोस्त 


 
बंदगी छोड़ दिया,रिश्ता तोड़ दिया
 अच्छा हुआ कि तू आज ख़ुदा हो गया दोस्त

  अज़ीब दोस्त है खफ़ा हो के हंसता है
  तू हंसता रहे हमेसा,खफ़ा-खफ़ा  ही रहे दोस्त
   
  न हाल पूंछते हो न चाल पूंछते हो
  जब भी मिलते हो मुह फ़ेर लेते हो मेरे  दोस्त

 तू  चाहे  जितना बदल ले खुद को
 हम जब भी  मिलेंगें हाल पूंछ लेंगें मेरे दोस्त 
    
                                        अज़ीज़ जौनपुरी